समय
समय ने आज लाकर मुझे कहाँ खड़ा कर दिया है,
सब कुछ खरीद लूँ ऐसा बना दिया है
लेकिन कैसे खरीद लूँ मैं उन लम्हों को
जो याद आते हैं मुझे अकेले में
मैं चाहता हूँ इन सबके बदले
जो छोड़ आया हूँ कहीं दूर
क्या समय का फेर है पहले मुझे
यही चाहिए था जो अब है
लेकिन अब वही चाहिए जो तब था
लेकिन इस समय को पाने के लिए बहुत कुछ खोया जा चुका है
इस लिए मैं और कुछ पाना नहीं चाहता अब को खोने के डर से
आशीष कुमार पाण्डेय
MCD Player Profile | DRMCD
ReplyDeleteLearn 동두천 출장마사지 about the player's bio and 아산 출장마사지 casino, 안동 출장안마 including 삼척 출장안마 ratings, games, bonuses, promotions, payments, game selection, 순천 출장샵 and more. Rating: 2.5 · 1 vote